हरयाणे की माटी, हमारी पहचान

Haryanvi Culture, Language, and Heritage Archive

लोक संगीत और रागनी की गूंज

Experience the Authentic Sound of Haryana

समृद्ध हरयाणवी लोक साहित्य

From Historic Saang to Modern Poetry

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हरयाणवी शब्दकोश

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आज का शब्द:जीभअर्थ: जीभ / जिह्वा
विशेष प्रस्तुति

आज का कवि

हरयाणे की धरती के उन महान कवियों और सांगकारों की स्मृति जिन्होंने हमारी संस्कृति को सींचा।

अली बख्श

अली बख्श

(1918 - 1982)

लोक रागनी अंश: सत्यवादी हरिश्चंद्र सांग

"धर्म पे अडिग रहण की बातें, लखमीचंद सुणावेगा। सत की खातर राज गंवाया, वो जग में यश पावेगा।"

अली बख्श हरयाणवी के प्रसिद्ध रागनी गायक थे जिन्होंने गंगा-जमुनी तहजीब को अपनी रचनाओं में उकेरा। इनकी रागनियाँ हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल हैं।

मूर्धन्य साहित्यकार

चोटी के लेखक

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कमला देवी

कमला देवी

(1955 - Present)

कमला देवी हरयाणा की प्रथम महिला लेखिका थीं जिन्होंने नारी की पीड़ा और संघर्ष को हरयाणवी भाषा में मार्मिक ढंग से व्यक्त किया।

जय नारायण व्यास

जय नारायण व्यास

(1938 - 2005)

जय नारायण व्यास हरयाणवी साहित्य के प्रखर लेखक थे जिन्होंने हरयाणे के इतिहास, लोक संस्कृति और भाषाशास्त्र पर अनेक मौलिक ग्रंथों की रचना की।

डॉ. हरि सिंह पाल

डॉ. हरि सिंह पाल

(1952 - Present)

डॉ. हरि सिंह पाल हरयाणवी लोक साहित्य के विशेषज्ञ और संकलनकर्ता थे। इन्होंने लोक गाथाओं, लोक कथाओं और लोक गीतों का वैज्ञानिक अध्ययन किया।

देवेंद्र सत्यार्थी

देवेंद्र सत्यार्थी

(1908 - 2003)

देवेंद्र सत्यार्थी भारत के महान लोक साहित्य संकलनकर्ता थे जिन्होंने हरयाणे सहित समस्त भारत के लोक गीतों और कथाओं का संकलन किया।

मेहर सिंह दहिया

मेहर सिंह दहिया

(1942 - 2008)

मेहर सिंह दहिया हरयाणा के इतिहासकार और साहित्यकार थे जिन्होंने हरयाणे के वीरों की गाथाओं को दस्तावेजीकृत किया।

साहित्य धरोहर

किताबों का संग्रह

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हरयाणे के लोक गीत
कविता

हरयाणे के लोक गीत

डॉ. हरि सिंह पाल

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कहानी

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मोहन चोपड़ा

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हरयाणे का इतिहास
इतिहास

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बाल चौपाल
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बाल चौपाल

विद्यासागर नौटियाल

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शमशेर सिंह अशोक

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हंस मुक्तावली
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हंस मुक्तावली

जय नारायण व्यास

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इस हफ्ते की रागनी

धरती माँ की रागनी

प्रस्तुति: पंडित लखमीचंद

धरती माँ जैसी कोई ना माँ, सब कुछ दे दिया इस माँ ने। हरयाणे की सोने की धरती, हर बेटे को पाल दिया इस माँ ने। गेहूं धान बाजरा उगाया, खेत-खलिहान हरे कर दिए। म्हारी माटी की महक न्यारी, जन्म से मरण तक प्यार दिए।

आज का चुटकुला

हरयाणवी हास्य व्यंग्य

श्रेणी: गामा आले

ताऊ जी से किसी ने पूछा - ताऊ, थारे घर में कितने लोग हैं?

ताऊ बोले - बेटा, जो खाणा खाने बैठते हैं वो 10 हैं, और जो पाँव फैलाकर सोते हैं वो 15। अब तू गिन ले।

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15+ऐतिहासिक पुस्तकें
500+हरयाणवी शब्दार्थ
10+रागनी एवं लोकगीत