आज का कवि
हरयाणे की धरती के उन महान कवियों और सांगकारों की स्मृति जिन्होंने हमारी संस्कृति को सींचा।
Anup Singh Yadav
(1965 - Present)
"धर्म पे अडिग रहण की बातें, लखमीचंद सुणावेगा। सत की खातर राज गंवाया, वो जग में यश पावेगा।"
Agricultural Haryana themes. Birthplace: Rewari (1965). Genre: Rural Contemporary.
चोटी के लेखक
किताबों का संग्रह
Haryana Ki Lok Kathaein
Ramesh Dugal
Haryana Ka Itihas
Amar Singh
Lakhmi Chand: Jeevan aur Kavya
Mahavir Singh
Haryanvi Lok Sangeet Ka Adhyayan
Om Prakash Grewal
The Haryanvis: A Sociological Study
R.S. Mann
Haryana: History, Culture and Administration
Suraj Bhan Bhardwaj
धरती माँ की रागनी
प्रस्तुति: पंडित लखमीचंद
धरती माँ जैसी कोई ना माँ, सब कुछ दे दिया इस माँ ने। हरयाणे की सोने की धरती, हर बेटे को पाल दिया इस माँ ने। गेहूं धान बाजरा उगाया, खेत-खलिहान हरे कर दिए। म्हारी माटी की महक न्यारी, जन्म से मरण तक प्यार दिए।
हरयाणवी हास्य व्यंग्य
श्रेणी: गामा आले
ताऊ जी से किसी ने पूछा - ताऊ, थारे घर में कितने लोग हैं?
ताऊ बोले - बेटा, जो खाणा खाने बैठते हैं वो 10 हैं, और जो पाँव फैलाकर सोते हैं वो 15। अब तू गिन ले।